संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें : जिला कलेक्टर
अजमेर। जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संभावित बाढ़ बचाओ एवं आपदा प्रबंधन से निपटने के लिए हर समय तैयार रहे तथा अपनी विभागीय तैयारी पूरी रखे। जिला कलेक्टर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अजमेर जिले के संभावित बाढ़ बचाओ व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए प्रत्येक विभाग गम्भीरता एवं संवेदशीलता से कार्य करें, अपनी सूचनाएं अपडेट रखे तथा उसे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भिजवावें।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने बांधों की मरम्मत समय पर करा लें। साथ ही बांधों पर बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। बांधों के गेट भी खोलकर चैक कर लें। वहीं रसद विभाग को निर्देशित किया कि वे खाद्य, कैरोसिन को उचित मूल्य दुकानदारों के पास रिजर्व स्टाॅक रखावें। साथ ही आपदा के लिए भोजन पैकेट की रैट कांटेक्ट कर लें।
उन्होंने नगर पालिका/नगर निगम के अधिकारियों को निर्देर्शित किया कि वे कच्ची बस्तियों का सर्वे करते हुए करते हुए उनके सुरक्षा स्थलों को भी चिह्नित कर लें। सभी पालिकाएं अपने-अपने क्षेत्र के नालों की सफाई 15 जून से पहले कर लें तथा नालों से निकलने वाले कचरे को डिस्पोजल पोइंट पर भिजवाने की व्यवस्था करें। उन्होंने जर्जर भवनों को भी चिह्नित करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि वे आवश्यक दवाईयों के किट्स बनाकर तैयार रखें। वहीं विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने अभियंताओं के टेलिफोन नम्बर की सूची आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भेजे। उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं में होने वाली बीमारी की रोकथाम तथा जल जनित बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे सड़कों की मरम्मत की व्यवस्था रखें तथा नदियों के बहाव पर खतरे के निशान अंकित करें ताकि उस निशान से आगे कोई नहीं जाए।
इस मौके पर अतरिक्त जिला कलेक्टर किशोर कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय अबु सूफियान चौहान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकया गोहाएन, एनडीआरएफ के प्रभारी अधिकारी सहित समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर पालिका के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने बांधों की मरम्मत समय पर करा लें। साथ ही बांधों पर बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। बांधों के गेट भी खोलकर चैक कर लें। वहीं रसद विभाग को निर्देशित किया कि वे खाद्य, कैरोसिन को उचित मूल्य दुकानदारों के पास रिजर्व स्टाॅक रखावें। साथ ही आपदा के लिए भोजन पैकेट की रैट कांटेक्ट कर लें।
उन्होंने नगर पालिका/नगर निगम के अधिकारियों को निर्देर्शित किया कि वे कच्ची बस्तियों का सर्वे करते हुए करते हुए उनके सुरक्षा स्थलों को भी चिह्नित कर लें। सभी पालिकाएं अपने-अपने क्षेत्र के नालों की सफाई 15 जून से पहले कर लें तथा नालों से निकलने वाले कचरे को डिस्पोजल पोइंट पर भिजवाने की व्यवस्था करें। उन्होंने जर्जर भवनों को भी चिह्नित करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि वे आवश्यक दवाईयों के किट्स बनाकर तैयार रखें। वहीं विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने अभियंताओं के टेलिफोन नम्बर की सूची आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भेजे। उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं में होने वाली बीमारी की रोकथाम तथा जल जनित बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे सड़कों की मरम्मत की व्यवस्था रखें तथा नदियों के बहाव पर खतरे के निशान अंकित करें ताकि उस निशान से आगे कोई नहीं जाए।
इस मौके पर अतरिक्त जिला कलेक्टर किशोर कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय अबु सूफियान चौहान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकया गोहाएन, एनडीआरएफ के प्रभारी अधिकारी सहित समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर पालिका के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
No comments