Breaking News

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना, जगन्नाथपुरी के लिए ट्रेन रवाना

Ajmer, Rajasthan, Vasudev Devnani, Anita Bhadel, Varishth Nagrik Tirth Yatra, Dev Sthan Vibhag Rajasthan
अजमेर। देवस्थान विभाग के दीन दयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अन्तर्गत जगन्नाथपुरी के लिए ट्रेन को शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर किशोर कुमार, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गिरीश कुमार बच्चानी एवं यात्रा समिति समन्वयक सुरेश पाटोदिया ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यात्रा जगन्नाथ भगवान एवं पुष्कर राज के जयकारे के साथ आरम्भ हुई।

जगन्नाथपुरी की विशेष रेलगाड़ी का फीता काटकर प्रो. देवनानी ने तीर्थ यात्रियों के रेल में बैठने का शुभांरभ किया। भदेल ने तीर्थ यात्रियों पर पुष्प वर्षा करके धर्म लाभ लेने का आव्हान किया। देवनानी ने कहा कि भारतीय परम्पराओं के अनुसार तीर्थ यात्रा जीवन का ध्येय होता है। बैलगाड़ी से होने वाली तीर्थयात्रा अब रेलगाड़ी से होने लगी है। राज्य सरकार अधिकतम वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का लाभ देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बुजुर्गों का आशीर्वाद जीवन की पूंजी होते है।

इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए आगामी वर्ष से 10 हजार के स्थान पर 20 हजार व्यक्तियों को तीर्थ यात्रा करवायी जाएगी। इसी प्रकार 70 वर्ष से अधिक उम्र के 1000 वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज के माध्यम से तीर्थ यात्रा करवायी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्राी का तीर्थ यात्रियों के नाम संदेश पढ़ा और सबकों बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक भारत की आध्यात्मिकता से लाभान्वित होंगे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल ने मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए कहा कि अजमेर जिले के 136 यात्राी इसमें भाग ले रहे है। अजमेर संभाग के 398 वरिष्ठ नागरिक जगन्नाथपुरी की यात्रा करेंगे। इस रेल में उदयपुर संभाग के तीर्थ यात्राी चंदेरिया तथा कोटा संभाग के तीर्थ यात्राी कोटा से सम्मिलित होंगे। यह यात्रा 960 व्यक्तियों को लाभान्वित करेंगी। तीर्थ यात्रियों को यात्रा में पूरे समय ईश्वर भक्ति में लीन रहकर धर्म लाभ लेना चाहिए। संसदीय सचिव सुरेश रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। तीर्थ यात्रा के दौरान यात्रियों को अपना अधिकतम समय भक्ति में लगाना चाहिए।

No comments