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फतेह मार्च के साथ घर लौट रहे किसान, गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे राकेश टिकैत ने किया एक पोस्टर जारी

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नई दिल्ली।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन पर बैठे किसानों की मांगें मान लिये जाने पर करीब सवा साल बाद आंदोलनकारी किसान अब अपने घर और खेतों की ओर लौटने लगे हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में आज  सुबह किसानों ने हवन और पूजा पाठ कर अपने घर वापसी की तैयारी शुरू की। गाजियाबाद के यूपी गेट से फतेह मार्च निकालने से पहले किसानों ने हवन में आहुति दी।

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे, जहां पर उन्होंने किसानों के फतेह मार्च का नेतृत्व किया और मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए। इस मौके पर राकेश टिकैत ने एक पोस्टर भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने किसानों की घर वापसी का संदेश दिया। पोस्टर में गाजीपुर बॉर्डर से प्रस्थान का पूरा रूट दिया गया है। पोस्टर में यह भी लिखा है कि वो यूपी गेट से किस समय से किसानों के काफिले के साथ घर वापसी के लिए प्रस्थान करेंगे।

पोस्टर में दिये गए रूट के मुताबिक, गाजीपुर बार्डर से किसानों का काफिला सुबह 9 बजे निकलकर मोदीनगर, मेरठ, खतौली, मंसूदपुर, सौरम चौपाल उसके बाद किसान भवन सिसौली पहुंचकर समाप्त हो जाएगा। किसानों की यहां से रवानगी के बाद पुलिस ने यहां सफाई अभियान भी शुरू कर दिया है, जिसके बाद यह रास्ता सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा।

किसानों के अपने घर और खेतों की ओर लौटने के क्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी आज अपने घर के लिए लौट रहे हैं।  राकेश टिकैत करीब 383 दिन बाद मुजफ्फरनगर के सिसौली में स्थित अपने घर जा रहे हैं। आंदोलन की शुरूआत में टिकैत ने कहा था कि जब तक कानून वापसी नहीं होगी, तब तक घर वापसी भी नहीं होगी। लेकिन तीनों कृषि कानूनों की वापसी और लंबित मांगों पर सरकार के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद अब किसान आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है।

घर वापसी से पहले राकेश टिकैत ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें गाजीपुर बॉर्डर और यहां उनसे मिलने वाले लोग बहुत याद आएंगे। इस दौरान राकेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर पर बने अपने अस्थायी झोपड़े पर मत्था टेका और कहा कि इसे भी मैं अपने साथ लेकर जा रहा हूं और अब अपने घर पर ही लगाउंगा। यहां मैं करीब 13 महीने रहा, लेकिन घर पर 13 घंटे ही रहूंगा। क्योंकि उनको हैदराबाद जाना है और उसके बाद तमिलनाडु में कार्यक्रम है।

गौरतलब है कि कि पिछले करीब सवा साल से से किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून खत्म कर दिए उसके बाद किसानों की बाकी मांगों पर भी सहमति बन गई, तब किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म करना तय किया। बीते तीन दिनों से दिल्ली की सीमाओं से किसानों की वापसी हो रही है। कुछ बार्डरों से किसान अपना सामान समेटकर वापस जा चुके हैं मगर कुछ बार्डरों पर अभी भी उनका सामान रखा हुआ है और टेंट लगे हुए हैं। इनको भी खाली किया जाना है।

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