करौली में पुजारी हत्याकांड का पटाक्षेप, 10 लाख रुपए और अनुबंध पर नौकरी की मांग पर बनी सहमति
इससे पहले जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के साथ परिजन, ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों की वार्ता हुई, जिसमें पीड़ित परिवार को सरकार द्वारा 10 लाख की आर्थिक सहायता, संविदा पर परिवार जन को नौकरी, दोषी पटवारी व सपोटरा थाना अधिकारी को हटाने एवं जांच में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को पक्का मकान निर्माण कराने के लिए आर्थिक सहायता के अलावा जयपुर व करौली की अलग-अलग टीम बनाकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन सरकार की ओर से दिया गया।
हालांकि पीड़ित परिवार की ओर से 50 लाख की आर्थिक सहायता व पक्की सरकारी नौकरी की मांग की गई थी। उल्लेखनीय है कि बूकना गांव निवासी मंदिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जमीनी विवाद को लेकर दबंग कैलाश मीणा एवं उसके साथियों ने पेट्रोल डालकर जला दिया। जयपुर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया एवं अन्य की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी, जिसके बाद परिजन शव को लेकर गांव आए। लेकिन मांगों के पूरा होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए।
इस दौरान ग्रामीण व परिजनों ने शव को रखकर घर के पास धरना प्रारंभ कर दिया। धरने में सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा, डॉ मनोज राजोरिया, रामचरण बोहरा के अलावा भाजपा नेता व ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंच गए। शनिवार शाम को सरकार से वार्ता के बाद सहमति बनने पर धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता, परिजन को संविदा पर नौकरी, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के साथ पटवारी व थाना अधिकारी को हटाने का आश्वासन दिया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जयपुर में करौली की टीम जुटेंगी।
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