Breaking News

राजस्थान बजट 2018 पर पायलट ने साधा निशाना, कहा — 50 हजार रुपए में तो ढंग की भैंस भी नहीं आती

Jaipur, Rajasthan Rajasthan Budget, Budget 2018, Rajasthan Budget 2018-19, Vasundhara Raje Budget, Vasundhara Raje Budget 2018, Congress, PCC Chief, sachin pilot budget reaction, jaipur news, rajasthan news
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य का बजट पेश किया। राजस्थान बजट 2018—19 में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सहकारी बैंकों से लोन लेने वाले किसानों का 50 हजार तक का कर्ज माफी की घोषणा की है। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने बजट को थोथी घोषणाओं का पुलिंदा बताया है। पायलट ने कहा कि 50 हजार रुपए में तो कोई ढंग की नस्ल की एक भैंस भी नहीं आती है, इतने में किसानों को क्या राहत मिलेगी।

विधानसभा में सीएम राजे द्वारा पेश किए गए राजस्थान बजट 2018—19 के बाद पायलट ने पीसीसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। पायलट ने बजट में की गई घोषणाओं को महज थोथी घोषणाओं का पुलिंदा बताया और कहा कि पिछले बजट में की गई घोषणाएं भी अभी तक ठीक से पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में सीएम बजट घोषणाओं किस तरह से और कब तक पूरी कर पाएंगी।

बजट में की गई कर्ज माफी की घोषणा पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि सिर्फ 20 फीसदी किसान ही सहकारी बैंकों से कर्ज लेते हैं। ऐसे में अन्य तरीकों से कर्ज लेने वाले किसानों का क्या होगा। पायलट ने कहा कि सीएम ने कहा कि कर्ज माफी से 8 हजार करोड रुपए का भार पड़ेगा। जबकि इससे अच्छा तो यूपी सरकार ने 40 हजार और महाराष्ट्र सरकार ने 23 हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ किया था।


पायलट ने कहा कि हाल ही में राजस्थान में हुए उपचुनावों में सरकार को मिली करारी हार के बाद सरकार को युवाओं और बेरोजगारों की याद आई है, जबकि बीती चार सालों में बेरोजगार युवाओं की हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि सीएम ने अपने बजट में इस बारे में तो कुछ बताया नहीं है कि भर्तियों की घोषणाएं उन्होंने आज की है, उन्हें वे सिर्फ 8 महीने के कार्यकाल में कैसे पूरी करेंगी। वहीं निविदा और अनुबंध पर लगे कार्मिकों के हाथ तो अभी तक भी खाली ही छोड़ दिए गए हैं।

पायलट ने कहा कि इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश की जनता को लुभाने के लिए ये बजट तैयार किया गया है, जो सिर्फ घोषणाओं से भरा हुआ है। इस बजट में की गई घोषणाओं को शेष बचे कार्यकाल में पूरा किया जाना कैसे संभव हो सकता है, जबकि पिछले बजट में की गई घोषणाओं को भी अभी तक पूरी तरह से क्रियांवित नहीं किया जा सका है।

No comments