उधर अयोध्या मसले पर सीएम योगी से मिले रविशंकर, इधर ब्रदीनाथ पर ठोका मुस्लिमों ने दावा
नई दिल्ली। देश में पिछले लम्बे अरसे से चले आ रहे अयोध्या राम मंदिर मसले का कोई समाधान ढूंढने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। वहीं दूसरी ओर देवबंद के मौलाना ने उत्तराखंड के चमौली जिले में स्थित तीर्थ ब्रदीनाथ धाम पर दावा ठोक दिया है। मौलाना ने बद्रीनाथ को बद्रीशाह बताकर हड़कंप मचा दिया है।
अयोध्या में राममंदिर और बाबरी मस्जिद के मुद्दे को लेकर आज इस मामले में मध्यस्थता कर रहे आर्ट आॅफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीब आधे घंटे की मुलाकात की। बैठक ठीक ठाक रही और यह मुलाकात करीब 15 से 20 मिनट तक चली। इस दौरान दोनों के बीच राममंदिर विवाद के निपटारे के विषय में बातचीत हुई।
श्रीश्री रविशंकर का दावा है कि वो मंदिर-मस्जिद विवाद का हल सुलझा लेंगे। सीएम योगी से की गई इस मुलाकात के बाद श्रीश्री रविशंकर अब 16 नवंबर को अयोध्या जाएंगे, जहां वह मंदिर और मस्जिद के पक्षकारों मुलाकात कर विवाद का हल निकालने की कोशिश करेंगे। ऐसे में संभव है कि अयोध्या मामले में कोई सार्थक हल निकलकर सामने आए।
वहीं दूसरी ओर, देवबंद के मदरसा दारुल उलूम निशवाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने चार धामों में से एक उत्तराखंड के ब्रदीनाथ धाम को लेकर दिए अपने बयान से हंगामा मचा दिया है। मौलाना ने कहा है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं, बल्कि मुसलमानों का बदरुद्दीन शाह धाम है। मौलाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि इतिहास के मुताबिक, बद्री शाह का नाम वापल लौटाया जाए और बद्रीनाथ धाम को मुसलमानों के हवाले किया जाए।
अयोध्या में राममंदिर और बाबरी मस्जिद के मुद्दे को लेकर आज इस मामले में मध्यस्थता कर रहे आर्ट आॅफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीब आधे घंटे की मुलाकात की। बैठक ठीक ठाक रही और यह मुलाकात करीब 15 से 20 मिनट तक चली। इस दौरान दोनों के बीच राममंदिर विवाद के निपटारे के विषय में बातचीत हुई।
श्रीश्री रविशंकर का दावा है कि वो मंदिर-मस्जिद विवाद का हल सुलझा लेंगे। सीएम योगी से की गई इस मुलाकात के बाद श्रीश्री रविशंकर अब 16 नवंबर को अयोध्या जाएंगे, जहां वह मंदिर और मस्जिद के पक्षकारों मुलाकात कर विवाद का हल निकालने की कोशिश करेंगे। ऐसे में संभव है कि अयोध्या मामले में कोई सार्थक हल निकलकर सामने आए।
वहीं दूसरी ओर, देवबंद के मदरसा दारुल उलूम निशवाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने चार धामों में से एक उत्तराखंड के ब्रदीनाथ धाम को लेकर दिए अपने बयान से हंगामा मचा दिया है। मौलाना ने कहा है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं, बल्कि मुसलमानों का बदरुद्दीन शाह धाम है। मौलाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि इतिहास के मुताबिक, बद्री शाह का नाम वापल लौटाया जाए और बद्रीनाथ धाम को मुसलमानों के हवाले किया जाए।

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