राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम : सुरसुरा के आर्यन का हुआ आॅपरेशन
अजमेर। सुरसुरा का आर्यन अभी एक महीने का ही हुआ था कि पूरे परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा। डाक्टरों ने जांच में बताया कि उसे दिल की बीमारी है। परिवार की चिंता इसलिए भी ज्यादा थी कि उपचार का खर्च करीब 2 लाख था। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम वरदान बनकर आया। अब आर्यन स्वस्थ है और उसका वजन भी बढ़ना शुरू हो गया है।
जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने बताया कि किशनगढ़ के पास सुरसुरा गांव के रहने वाले श्रवण कुमार का पुत्र आर्यन अब डेढ़ साल का होने जा रहा है। आर्यन जब पैदा हुआ तो पूरे परिवार ने खुशियां मनायी थी। तीन भाई बहनों में सबसे छोटा आर्यन सबका लाडला है। वह जब एक महीने का था तो अचानक गम्भीर रूप से बीमार पड़ गया। काफी जांच के बाद पता लगा कि उसे गम्भीर हृदय रोग है। पूरे परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया। चिंता का कारण एक ओर भी था। उपचार के लिए करीब 2 लाख रूपए की जरूरत थी और इतनी बड़ी राशि का इंतजाम हो पाना बेहद मुश्किल था।
उन्होंने बताया कि श्रवण कुमार ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र में सम्पर्क किया तो उसे राजकीय चिकित्सालय भेजा गया। यहां उसे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। श्रवण ने अपने बच्चे आर्यन का योजना के तहत उपचार करवाया। विशेषज्ञों की टीम ने आर्यन का आॅपरेशन किया। बालक अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन भी बढ़ना शुरू हो गया है। डेढ़ साल का आर्यन अब पूरे घर में खेलता है और अपने परिवार की आंख का तारा है। श्रवण कुमार ने सरकार का इस अभिनव योजना और अपने बच्चे के ईलाज के लिए आभार व्यक्त किया है।
जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने बताया कि किशनगढ़ के पास सुरसुरा गांव के रहने वाले श्रवण कुमार का पुत्र आर्यन अब डेढ़ साल का होने जा रहा है। आर्यन जब पैदा हुआ तो पूरे परिवार ने खुशियां मनायी थी। तीन भाई बहनों में सबसे छोटा आर्यन सबका लाडला है। वह जब एक महीने का था तो अचानक गम्भीर रूप से बीमार पड़ गया। काफी जांच के बाद पता लगा कि उसे गम्भीर हृदय रोग है। पूरे परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया। चिंता का कारण एक ओर भी था। उपचार के लिए करीब 2 लाख रूपए की जरूरत थी और इतनी बड़ी राशि का इंतजाम हो पाना बेहद मुश्किल था।
उन्होंने बताया कि श्रवण कुमार ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र में सम्पर्क किया तो उसे राजकीय चिकित्सालय भेजा गया। यहां उसे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। श्रवण ने अपने बच्चे आर्यन का योजना के तहत उपचार करवाया। विशेषज्ञों की टीम ने आर्यन का आॅपरेशन किया। बालक अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन भी बढ़ना शुरू हो गया है। डेढ़ साल का आर्यन अब पूरे घर में खेलता है और अपने परिवार की आंख का तारा है। श्रवण कुमार ने सरकार का इस अभिनव योजना और अपने बच्चे के ईलाज के लिए आभार व्यक्त किया है।

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