"स्वरांजलि" में गूंजे किशोर दा के सदाबहार नग्मे,अजयमेरू प्रैस क्लब के सदस्यों ने दी प्रस्तुतियां
अजमेर। शनिवार को सूचना केंद्र हिंदी सिने जगत के महान पार्श्व गायकों में से एक किशोर दा के एक से बढ़कर एक गीतों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में उनके चाहने वाले जमा हुए। अजयमेरू प्रैस क्लब के सदस्यों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब दाद बटोरी। आज किशोर दा की पुण्यतिथि थी।
कार्यक्रम का आरंभ क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमेश अग्रवाल, मौजूदा अध्यक्ष प्रतापसिंह सनकत, वरिष्ठ सदस्य सरवर सिद्दिकी, बीआर कोठारी, गोप मीरानी ने किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर प्रताप सिंह सनकत ने क्लब की गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि सदस्यों के मनोरंजन के लिए इस तरह के आयोजन नियमित से आयोजित किए जाते हैं। डॉ. रमेश अग्रवाल ने किशोर कुमार के जीवन के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि किशोर हरफनमौला कलाकार थे। गिरीराज अग्रवाल ने “पल पल दिल के पास...’, आनंद शर्मा ने “कोई होता जिसको अपना हम अपना..’, रजनीश रोहिल्ला ने “ओ हंसनी मेरी हंसनी...’, विजय हंसराजानी ने भोले “ओ भोले तू रूठा...’, एसपी गांधी ने “दिल क्या करे जब किसी को किसी से..’, अमित टंडन ने “चला जाता हूं किसी की धुन में...’, मुकेश परिहार ने “तेरी दुनिया से होके मजबूर चला..’, फरहाद सागर ने “ओ मेरे दिल के चैन...’, हेमंत शर्मा ने “कहना है कहना है आज तुमसे ये पहली बार...’, प्रतापसिंह सनकत ने “जीवन से भरी तेरी आंखें...’, प्रदीप गुप्ता ने “हां पहली बार इक लड़की मेरा...’, जीएस विर्दी ने “हाल क्या है दिलों का ना पूछो सनम...’, अब्दुल सलाम कुरैशी ने “जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर...’, एबीएल माथुर ने “इना मीना डीका...’, नरेंद्र जैन “ने दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा..’, डॉ. रमेश अग्रवाल ने “आ चल के तुझे मैं लेके चलूं इक ऐसी डगर के तले...’, अकलेश जैन ने “मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा..’, राजकुमार पारीक ने “सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के असूलों से गीत सुनाए...’, जीएस बिरदी, फरहाद सागर, प्रदीप गुप्ता ने “प्रेमी प्रेम करना जाने गीत सुनाया...’। संचालन क्लब के वरिष्ठ सदस्य सोमर| आर्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के संयोजक रजनीश रोहिल्ला और फरहाद सागर ने किया।
सूचना केंद्र में गूंजे किशोर दा के सदाबहार नग्मे
सूचना केंद्र में पार्श्व गायक किशोर कुमार को अजयमेरू प्रैस क्लब के सदस्यों ने उनके गीतों से याद किया।
कार्यक्रम का आरंभ क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमेश अग्रवाल, मौजूदा अध्यक्ष प्रतापसिंह सनकत, वरिष्ठ सदस्य सरवर सिद्दिकी, बीआर कोठारी, गोप मीरानी ने किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर प्रताप सिंह सनकत ने क्लब की गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि सदस्यों के मनोरंजन के लिए इस तरह के आयोजन नियमित से आयोजित किए जाते हैं। डॉ. रमेश अग्रवाल ने किशोर कुमार के जीवन के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि किशोर हरफनमौला कलाकार थे। गिरीराज अग्रवाल ने “पल पल दिल के पास...’, आनंद शर्मा ने “कोई होता जिसको अपना हम अपना..’, रजनीश रोहिल्ला ने “ओ हंसनी मेरी हंसनी...’, विजय हंसराजानी ने भोले “ओ भोले तू रूठा...’, एसपी गांधी ने “दिल क्या करे जब किसी को किसी से..’, अमित टंडन ने “चला जाता हूं किसी की धुन में...’, मुकेश परिहार ने “तेरी दुनिया से होके मजबूर चला..’, फरहाद सागर ने “ओ मेरे दिल के चैन...’, हेमंत शर्मा ने “कहना है कहना है आज तुमसे ये पहली बार...’, प्रतापसिंह सनकत ने “जीवन से भरी तेरी आंखें...’, प्रदीप गुप्ता ने “हां पहली बार इक लड़की मेरा...’, जीएस विर्दी ने “हाल क्या है दिलों का ना पूछो सनम...’, अब्दुल सलाम कुरैशी ने “जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर...’, एबीएल माथुर ने “इना मीना डीका...’, नरेंद्र जैन “ने दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा..’, डॉ. रमेश अग्रवाल ने “आ चल के तुझे मैं लेके चलूं इक ऐसी डगर के तले...’, अकलेश जैन ने “मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा..’, राजकुमार पारीक ने “सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के असूलों से गीत सुनाए...’, जीएस बिरदी, फरहाद सागर, प्रदीप गुप्ता ने “प्रेमी प्रेम करना जाने गीत सुनाया...’। संचालन क्लब के वरिष्ठ सदस्य सोमर| आर्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के संयोजक रजनीश रोहिल्ला और फरहाद सागर ने किया।
सूचना केंद्र में गूंजे किशोर दा के सदाबहार नग्मे
सूचना केंद्र में पार्श्व गायक किशोर कुमार को अजयमेरू प्रैस क्लब के सदस्यों ने उनके गीतों से याद किया।

No comments