ताज, तूफान और तबाही : मोहब्बत की निशानी पर तूफान ने मचाया बवंडर, मीनारें ढेर, 16 की मौत
आगरा। दुनियाभर के सात अजूबों में सुमार और मोहब्बत की निशानी के रूप में विश्वविख्यात ताजमहल का दीदार करने के लिए इसके परिसर में दाखिल होने वाले एंट्री गेट के समीप मीनारें गिरने से यहां जारेदार बवंडर मचा है। इस हादसे में 16 लोग मौत के मुंह में समा गए। भारी बारिश और आंधी की वजह से ताजमहल परिसर में स्थित एक पिलर का हिस्सा टूट कर गिर गया है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत की सूचना नहीं मिली है। सामने तस्वीरों में भी ताजमहल के हिस्से को कैसे नुकसान पहुंचा है, उसे देखा जा सकता है।
खबरों के मुताबिक, ताजमहल के एंट्री गेट के एक पिलर का हिस्सा गिर गया। बताया जा रहा है कि गुरुवार की आधी रात को तेज हवा के साथ भारी बारिश की वजह से ताजमहल के दक्षिणी गेट पर स्थित पिलर गिर गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बीते कुछ दिनों से आंधी और बारिश की खबरें हैं। विश्वविख्यात इमारत के दो गेटों की मीनारें गिरने के साथ मुख्य स्मारक को भी नुकसान हुआ। तूफान जनित हादसों में चार दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। बवंडर में करोड़ों की हानि की भी सूचना है। वहीं कई इलाके पानी में डूब गए। गेहूं की 80 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई।
जानकारी के मुताबिक, आगरा में शाम 7.30 बजे एकाएक बिजली गड़गड़ाने के बाद बादल घिरने लगे। तूफान का वेग उठा और चंद पलों में रौद्र रूप धारण कर लिया। लोग संभल पाते, तब तक ओलावृष्टि और भारी बारिश होने लगी। चंद मिनट में ही बवंडर पूरे ब्रज में फैल गया। तबाही का मंजर इतना विकराल हुआ कि हजारों पेड़, सैकड़ों होर्डिंग, बैनर, टीनेशड तहस-नहस हो गए। पानी की टंकियां छतों से उड़ गईं। तमाम घरों की दीवारें गिर गईं।
शहर में वाटरवर्क्स गऊशाला की दीवार कई मकानों पर जा गिरी। पुलिस कंट्रोल रूम की छत गर गई। कई पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। तमाम घरों और दुकानों में पानी घुस गया। आगरा के कपड़ों के थोक बाजार रोशन मोहल्ला में दुकानों में पानी भरने से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा था। इधर, देर रात भीमनगरी का मंच गिर गया। बड़े-बड़े झूले धराशायी हो गए।
हादसों में अछनेरा के अगनपुरा में चंद्रवती, नागर में कलुआ व गांव कुकथला में निर्मला की मौत हो गई। डौकी के गांव सरवनखेड़ा में 70 वर्षीय ठाकुर दास के ऊपर दीवार गिर पड़ी। जबकि सुल्तानपुरा में भी दो लोगों की मौत होने की सूचना थी। ताजगंज के महुआ खेड़ा में दीवार के नीचे दबने से 80 वर्षीय गौरीशंकर और एक बंजारे की मौत हो गई।
खबरों के मुताबिक, ताजमहल के एंट्री गेट के एक पिलर का हिस्सा गिर गया। बताया जा रहा है कि गुरुवार की आधी रात को तेज हवा के साथ भारी बारिश की वजह से ताजमहल के दक्षिणी गेट पर स्थित पिलर गिर गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बीते कुछ दिनों से आंधी और बारिश की खबरें हैं। विश्वविख्यात इमारत के दो गेटों की मीनारें गिरने के साथ मुख्य स्मारक को भी नुकसान हुआ। तूफान जनित हादसों में चार दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। बवंडर में करोड़ों की हानि की भी सूचना है। वहीं कई इलाके पानी में डूब गए। गेहूं की 80 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई।
जानकारी के मुताबिक, आगरा में शाम 7.30 बजे एकाएक बिजली गड़गड़ाने के बाद बादल घिरने लगे। तूफान का वेग उठा और चंद पलों में रौद्र रूप धारण कर लिया। लोग संभल पाते, तब तक ओलावृष्टि और भारी बारिश होने लगी। चंद मिनट में ही बवंडर पूरे ब्रज में फैल गया। तबाही का मंजर इतना विकराल हुआ कि हजारों पेड़, सैकड़ों होर्डिंग, बैनर, टीनेशड तहस-नहस हो गए। पानी की टंकियां छतों से उड़ गईं। तमाम घरों की दीवारें गिर गईं।
शहर में वाटरवर्क्स गऊशाला की दीवार कई मकानों पर जा गिरी। पुलिस कंट्रोल रूम की छत गर गई। कई पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। तमाम घरों और दुकानों में पानी घुस गया। आगरा के कपड़ों के थोक बाजार रोशन मोहल्ला में दुकानों में पानी भरने से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा था। इधर, देर रात भीमनगरी का मंच गिर गया। बड़े-बड़े झूले धराशायी हो गए।
हादसों में अछनेरा के अगनपुरा में चंद्रवती, नागर में कलुआ व गांव कुकथला में निर्मला की मौत हो गई। डौकी के गांव सरवनखेड़ा में 70 वर्षीय ठाकुर दास के ऊपर दीवार गिर पड़ी। जबकि सुल्तानपुरा में भी दो लोगों की मौत होने की सूचना थी। ताजगंज के महुआ खेड़ा में दीवार के नीचे दबने से 80 वर्षीय गौरीशंकर और एक बंजारे की मौत हो गई।

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