दरगाह क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए थाना अधिकारी से की मुलाकात
अजमेर। सुन्नी युथ विंग आतंकवाद विरोधी संगठन की शाखा ने दरगाह क्षेत्र को नशामुक्त बनाने को लेकर थाना अधिकारी मानवेंद्र सिंह से परिचर्चा की और भिखारियों को हटाने की मांग रखी। भिखारियों की वजह से आने वाले जायरीनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं इनमे से कई खानाबदोशों ने यहां नशाखोरी भी फैला रखी है।
नजीर कादरी ने बताया कि भिखारियों की बढ़ती हुई संख्या चिंता का विषय बनती जा रही है और दुनिया के मशहूर शहरों में शुमार अजमेर की एक कुरूप तस्वीर पेश करती है। दरगाह शरीफ में हर आने जाने वाले जायरीन को यहां के भिखारी ऎसे पकड़ लेते हैं, जैसे जायरीन ने कोई गुनाह कर दिया हो या फिर ये लोग उन जायरीनों से कोई कर्जा मांगते हो। इसके चलते ये लोग जायरीनों को तब तक नहीं छोड़ते जब तक वे इन्हे कुछ देते नहीं। इसके विपरीत अगर कोई जायरीन इनको कुछ नहीं देता है तो ये लोग उन्हें अपशब्द बोलते है। यहां आने वाले जायरीनों-पर्यटकों से भीख मांगने वाले इन भिखारियों में अधिकतर भिखारी नशे के आदी हैं। अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए जेब तराशने का काम भी करते हैं।
बहरहाल, दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले शहर अजमेर में बढ़ रही भिखारियों की तादाद कभी भी किसी वारदात की वजह बन सकती है, जिस पर समय रहते परिस्थितियों के अनुसार अंकुश नहीं लगाना और इस तरफ ध्यान नहीं देना बहुत बड़ी गलती बन सकती है। इसलिए आवश्यक है कि समय रहते पुलिस-प्रशासन के द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाए तथा उचित कदम उठाते हुए इस दिशा में कोई कारगर उपाय किए जाए।
इस मौके पर सैयद सुल्तान मिसबही, हाजी चांद खा, नजीर कादरी, हाजी नवाज खान, काजी मोहसिन अली, आफताब अहमद, अकबर हुसैन, मकशुद अंसारी, मोहम्मद हाशिम, शाहबाज खान, ऐजाज खान आदि मौजूद थे।
नजीर कादरी ने बताया कि भिखारियों की बढ़ती हुई संख्या चिंता का विषय बनती जा रही है और दुनिया के मशहूर शहरों में शुमार अजमेर की एक कुरूप तस्वीर पेश करती है। दरगाह शरीफ में हर आने जाने वाले जायरीन को यहां के भिखारी ऎसे पकड़ लेते हैं, जैसे जायरीन ने कोई गुनाह कर दिया हो या फिर ये लोग उन जायरीनों से कोई कर्जा मांगते हो। इसके चलते ये लोग जायरीनों को तब तक नहीं छोड़ते जब तक वे इन्हे कुछ देते नहीं। इसके विपरीत अगर कोई जायरीन इनको कुछ नहीं देता है तो ये लोग उन्हें अपशब्द बोलते है। यहां आने वाले जायरीनों-पर्यटकों से भीख मांगने वाले इन भिखारियों में अधिकतर भिखारी नशे के आदी हैं। अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए जेब तराशने का काम भी करते हैं।
बहरहाल, दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले शहर अजमेर में बढ़ रही भिखारियों की तादाद कभी भी किसी वारदात की वजह बन सकती है, जिस पर समय रहते परिस्थितियों के अनुसार अंकुश नहीं लगाना और इस तरफ ध्यान नहीं देना बहुत बड़ी गलती बन सकती है। इसलिए आवश्यक है कि समय रहते पुलिस-प्रशासन के द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाए तथा उचित कदम उठाते हुए इस दिशा में कोई कारगर उपाय किए जाए।
इस मौके पर सैयद सुल्तान मिसबही, हाजी चांद खा, नजीर कादरी, हाजी नवाज खान, काजी मोहसिन अली, आफताब अहमद, अकबर हुसैन, मकशुद अंसारी, मोहम्मद हाशिम, शाहबाज खान, ऐजाज खान आदि मौजूद थे।

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