विकास अधिकारियों की बैठक आयोजित, योजनाओं के शिविर लगाने के दिए निर्देश
अजमेर। जिला कलेक्टर गौरव गोयल की अध्यक्षता में शनिवार को जिले के विकास अधिकारियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इसमें व्यक्तिगत लाभ प्रदान करने वाली विभिन्न योजनाओं के शिविर लगाने के लिए निर्देश प्रदान किए गए।
जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी अरूण गर्ग ने बताया कि जिले में 29 दिसम्बर से व्यक्तिगत लाभकारी योजनाओं के शिविर आयोजित करने के लिए जिला कलक्टर द्वारा निर्देश प्रदान किए। इसके अन्तर्गत ग्रामीण विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आधार, भामाशाह, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग, बैंकिंग तथा रसद विभाग सहित आमजन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के संबंध में काम किए जाएंगे। इसका प्रथम चरण 29 दिसम्बर को आरम्भ होगा। इससे पूर्व एक दिन का सर्वे संबंधित ग्राम पंचायत में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न स्थानों का चयन कर वहां सार्वजनिक शौचालय निर्मित किए जाएंगे। इससे जिले की स्वच्छता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वच्छ ग्राम योजना के अन्तर्गत एक स्वच्छता सखी तथा प्रत्येक 150 परिवारों के कलस्टर के लिए निर्धारित व्यक्तियों को तुरन्त लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विधायक एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के कार्यों की रेण्डम जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह जिले में विभिन्न स्थानों पर विकास कार्य की सघन जांच करेगी। साथ ही विकास कार्यों को आरंभ कर त्वरित गति के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण करवाना सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के शुरूआती दो चरणों के समस्त कार्यों की तृतीय पक्ष द्वारा जांच करवायी जानी आवश्यक है। इस पक्ष द्वारा दो चरणों के साथ-साथ तृतीय चरण के कार्यों की जांच भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों का रेण्डम भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके अन्तर्गत ब्लॉक में निश्चित संख्या में लाभार्थियों का चयन विभिन्न ग्राम पंचायतों मे से किया जाएगा। इनका भौतिक सत्यापन क्षेत्र में जाकर स्थानीय अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भगवत सिंह राठौड़ सहित जिले के समस्त विकास अधिकारी उपस्थित थे।
जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी अरूण गर्ग ने बताया कि जिले में 29 दिसम्बर से व्यक्तिगत लाभकारी योजनाओं के शिविर आयोजित करने के लिए जिला कलक्टर द्वारा निर्देश प्रदान किए। इसके अन्तर्गत ग्रामीण विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आधार, भामाशाह, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग, बैंकिंग तथा रसद विभाग सहित आमजन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के संबंध में काम किए जाएंगे। इसका प्रथम चरण 29 दिसम्बर को आरम्भ होगा। इससे पूर्व एक दिन का सर्वे संबंधित ग्राम पंचायत में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न स्थानों का चयन कर वहां सार्वजनिक शौचालय निर्मित किए जाएंगे। इससे जिले की स्वच्छता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वच्छ ग्राम योजना के अन्तर्गत एक स्वच्छता सखी तथा प्रत्येक 150 परिवारों के कलस्टर के लिए निर्धारित व्यक्तियों को तुरन्त लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विधायक एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के कार्यों की रेण्डम जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह जिले में विभिन्न स्थानों पर विकास कार्य की सघन जांच करेगी। साथ ही विकास कार्यों को आरंभ कर त्वरित गति के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण करवाना सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के शुरूआती दो चरणों के समस्त कार्यों की तृतीय पक्ष द्वारा जांच करवायी जानी आवश्यक है। इस पक्ष द्वारा दो चरणों के साथ-साथ तृतीय चरण के कार्यों की जांच भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों का रेण्डम भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके अन्तर्गत ब्लॉक में निश्चित संख्या में लाभार्थियों का चयन विभिन्न ग्राम पंचायतों मे से किया जाएगा। इनका भौतिक सत्यापन क्षेत्र में जाकर स्थानीय अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भगवत सिंह राठौड़ सहित जिले के समस्त विकास अधिकारी उपस्थित थे।

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