स्वामी गोबिन्दराम के 34वें तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का समापन शुक्रवार को
अजमेर। फाईसागर रोड स्थित श्री ईश्वर गोबिन्द धाम दरबार संत कंवरराम कॉलोनी में दरबार के महंत ब्रम्हलीन सतगुरू बाबा स्वामी गोबिन्दराम के 34वें वार्षिकोत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में अनेक संत महात्माओं ने गद्वीनशीन संत स्वामी ईश्वरदास के सान्निध्य में अनेक आयोजनों में सम्मलित होकर अपने गुरू के प्रति आस्था प्रकट कर आर्शीवाद लिया।
पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के उपाध्यक्ष किशोर विधानी दरबार के प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः काल गुरू ग्रंथ साहिब के पाठ का शुभारंभ आसा-दी-वार नित नेम, इन्दौर के संत स्वामी मोहनदास, संत स्वामी ईसरदास, महन्त स्वामी अर्जुनदास, संत निर्मल दास, संत बाबा हरदयाल दरबार के संत स्वामी अशोक गाफिल, संत राजू उदासी, संत सन्तदास, संत पुरषोतत्मदास, संत जयदेव स्वामी उदासी तथा अन्य गुरूवार को ब्रम्हभोज में सम्मलित हुए एवं कन्या भोज हुआ।
सत्संग प्रवचनो में संत स्वामी ईश्वरदास ने कहा कि सतगुरू बाबा गोबिन्दराम ने अपने जीवन काल में जीवो के कल्याण के कार्य किये और उन्होने सादगी से जीवन जीकर अपना संदेश दिया कि भौतिक वस्तुओ के मोह में नहीं लिपटकर इसे परमात्मा की अमानत समझकर प्रयोग करना चाहिये। इंदौर के संत स्वामी मोहनदास बालकचन्द ने कहा कि सन्तो के वचनो को जीवन में सुनने के पश्चात आचरण में लाना ही वास्तविक कल्याण मार्ग है। संत स्वामी अशोक गाफिल ने बताया कि शुक्रवार को तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन्न पल्लव एवं लंगर भंडारे के प्रसाद वितरण के साथ किया जायेगा।
पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के उपाध्यक्ष किशोर विधानी दरबार के प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः काल गुरू ग्रंथ साहिब के पाठ का शुभारंभ आसा-दी-वार नित नेम, इन्दौर के संत स्वामी मोहनदास, संत स्वामी ईसरदास, महन्त स्वामी अर्जुनदास, संत निर्मल दास, संत बाबा हरदयाल दरबार के संत स्वामी अशोक गाफिल, संत राजू उदासी, संत सन्तदास, संत पुरषोतत्मदास, संत जयदेव स्वामी उदासी तथा अन्य गुरूवार को ब्रम्हभोज में सम्मलित हुए एवं कन्या भोज हुआ।
सत्संग प्रवचनो में संत स्वामी ईश्वरदास ने कहा कि सतगुरू बाबा गोबिन्दराम ने अपने जीवन काल में जीवो के कल्याण के कार्य किये और उन्होने सादगी से जीवन जीकर अपना संदेश दिया कि भौतिक वस्तुओ के मोह में नहीं लिपटकर इसे परमात्मा की अमानत समझकर प्रयोग करना चाहिये। इंदौर के संत स्वामी मोहनदास बालकचन्द ने कहा कि सन्तो के वचनो को जीवन में सुनने के पश्चात आचरण में लाना ही वास्तविक कल्याण मार्ग है। संत स्वामी अशोक गाफिल ने बताया कि शुक्रवार को तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन्न पल्लव एवं लंगर भंडारे के प्रसाद वितरण के साथ किया जायेगा।

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